बिहार में अवैध खनन पर बड़ा प्रहार, महीने भर में 4500 से अधिक जगह छापे

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 पटना। बिहार में अवैध बालू और पत्थर खनन के खिलाफ सरकार का रुख सख्त हो रहा है। अकेले दिसंबर में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खान एवं भूतत्व विभाग ने व्यापक कार्रवाई की है। पूरे राज्य में चलाए गए सघन अभियान के तहत 4,582 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें अवैध गतिविधियों में संलिप्त 574 वाहनों को जब्त किया गया।

इस दौरान 248 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई, जबकि कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। अपनी कार्रवाई के जरिये सरकार ने साफ कर दिया है कि खनन माफिया के लिए अब प्रदेश में कोई जगह नहीं।

खान एवं भू-तत्व विभागके अनुसार औरंगाबाद में सर्वाधिक 331 छापे मारे गए। अवैध खनन से जुड़े मामलों में सर्वाधिक 15 गिरफ्तारियां पटना जिले में हुईं। विभाग का कहना है कि यह अभियान केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य अवैध खनन की जड़ों पर प्रहार करना है।

उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा और निगरानी का असर राजस्व संग्रह पर भी दिख रहा है। दिसंबर 2025 तक विभाग ने अपने वार्षिक राजस्व लक्ष्य की तुलना में 102 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की है।

अधिकारियों के अनुसार, अवैध खनन पर नियंत्रण और वैधानिक खनन को बढ़ावा देने से राजस्व में यह वृद्धि संभव हो सकी है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में लगातार अवैध खनन की शिकायतें मिलेंगी, वहां केवल खनन माफिया ही नहीं, बल्कि संबंधित प्रशासनिक इकाइयों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

सभी जिलों के खनन पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। सरकार का कहना है कि वृहद और वैधानिक खनन को बढ़ावा देकर न केवल राजस्व बढ़ाया जाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे।

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