एर्नाकुलम, कोच्चि में रोशनी प्रोजेक्ट के अंतर्गत दस दिवसीय मधुबनी पेंटिंग कार्यशाला का सफल आयोजन

इस कार्यशाला में बिहार से आए दो अनुभवी कला शिक्षक, श्री ललिता दत्त एवं श्री चंद्रकांत कुमार बरी, ने बच्चों को मधुबनी चित्रकला की बारीकियों, उसकी विशेषताओं, विभिन्न शैलियों और पारंपरिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को इस कला के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया तथा उन्हें स्वयं चित्र बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान बच्चों को कागज़, दीवार, कपड़े, दुपट्टे और रुमाल जैसी विभिन्न सतहों पर मधुबनी पेंटिंग बनाना सिखाया गया। बच्चों ने विशेष रूप से मधुबनी चित्रकला की कचनी और भरनी, दोनों शैलियों का अभ्यास किया। उन्होंने पूरे उत्साह, रुचि और लगन के साथ इस कला को सीखा और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। पूरे दस दिनों का अनुभव बच्चों के लिए बेहद आनंददायक, ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

रोशनी प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित यह पहला प्रोजेक्ट था, जिसे पहली ही बार में इतनी सफलता प्राप्त हुई। इस सफल आयोजन से जिला कलेक्टर सुश्री प्रियंका जी भी अत्यंत प्रसन्न हुईं। बिहार से आए कलाकारों द्वारा बच्चों को पारंपरिक भारतीय लोककला से परिचित कराने और इस पहल को सफलतापूर्वक पूरा करने के प्रयास की उन्होंने सराहना की।
इस कार्यशाला को सफल बनाने में रोशनी प्रोजेक्ट की पूरी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से श्री सी. के. प्रकाश, डॉ. जयाश्री, श्री राजीव रंजन(Senior Manager) BPCL कोच्चि रिफाइनरी सहित सभी सदस्यों ने पूरे समर्पण और सहयोग के साथ अपनी जिम्मेदारियाँ निभाईं। इसके साथ ही, विभिन्न विद्यालयों के सभी शिक्षकों ने भी भरपूर सहयोग दिया और बच्चों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया।

यह दस दिवसीय कार्यशाला केवल चित्रकला सीखने का माध्यम ही नहीं रही, बल्कि बच्चों को भारतीय लोककला, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध हुई। सभी के सामूहिक प्रयास, सहयोग और समर्पण से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रोशनी प्रोजेक्ट की यह पहल बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
इस सफल आयोजन के लिए जिला कलेक्टर एवं आईएएस अधिकारी सुश्री प्रियंका जी। उनका पहला प्रोजेक्ट इतनी सफलता के साथ सम्पन्न हुआ । सहायक जिला कलेक्टर श्री ऋत्विक रंजन जी का भी विशेष योगदान रहा इस परियोजना को सफल बनाने में साथ ही, श्री कौशिक कुमार झा जिन्होंने कलाकारों को इस कार्यशाला के माध्यम से अपनी कला और अनुभव बच्चों के साथ साझा करने का अवसर प्रदान किया। रोशनी प्रोजेक्ट की पूरी टीम, सभी शिक्षकों एवं इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति। सभी के सहयोग, विश्वास और समर्पण से यह दस दिवसीय कार्यशाला सफल और यादगार बन सकी।

